Gautam Buddha Mahavidyalaya

Dadhadih, Thawaipar, Jungle Kauriya, Gorakhpur (U.P.) - 273007

(Affiliated To D.D.U. Gorakhpur University, Gorakhpur)

प्रबन्धक की कलम से...

समस्त नवागत विद्यार्थियों का महाविद्यालय परिवार हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन करता है | शिक्षा की ज्योति जलाने का जो दायित्व महाविद्यालय परिवार द्वारा उठाया गया, उसका पूरे मनोयोग से निर्वहन किया जा रहा है | शिक्षा एक सतत् चलने वाली प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य प्राचीन काल में मनुष्य का सर्वांगींण विकास करना था | धीरे-धीरे शिक्षा का जो परिवर्तित स्वरुप उभर कर सामने आया है उसने शिक्षा के उद्देश्य को व्यवसायिक बना दिया है | आज शिक्षा रोजगार प्राप्ति का साधन बन कर रह गया है | ऐसी परिस्थिति में शिक्षा के स्तर में आ रही गिरावट विद्वत समाज के लिए चिंता का विषय बना हुआ है |

भगवन बुद्धा के पावन कर्मस्थली में शिक्षा की उन्नति का जो बीड़ा इस महाविद्यालय के शिक्षकों ने उठाया है उसमे विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों के सहयोग की भी आवश्यकता है | अपने पाल्य को नियमित कक्षाओं में उपस्थित होने के लिए प्रेरित करने का दायित्व अभिभावक का ही है, जो सामाजिक प्रतिबंधों से ऊपर उठकर कक्षा में छात्र-छात्राओं की सत् –प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराता है | हम विश्वास दिलाते हैं कि आपके पाल्य को सुरुचिपूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण प्रदान किया जायेगा | हम उम्मीद करते हैं की आप इस परिसर को माँ शारदे की वाटिका बनाये रखने में हमारा सहयोग करेंगे | इसी उम्मीद व विश्वास के साथ हम आपके मंगलमय भविष्य की कामना करते हैं |

धन्यवाद !

देवेन्द्र प्रताप सिंह
(प्रबन्धक)

News / Notice

B. Ed. Admission open for session 2020-21

सत्र 2019-20 की बी० ए० भाग 1, 2, एवं 3 की कक्षाएँ दिनाँक 04-08-2019 से प्रारम्भ होंगी।

Last date of registration in B.A. is 10-Aug-2019

Registration form for B.A. available from 01-Jun-2019

महाविद्यालय का संक्षिप्त परिचय

शिक्षा व्यक्ति के सर्वांगींण विकास की एक अनवरत प्रक्रिया है जो जीवन पर्यन्त चलती रहती है | इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जन आकांक्षाओं के अनुरूप जंगल कौड़िया, गोरखपुर के इस ग्रामीण अंचल में गौतम बुद्धा की स्मृति में इस महाविद्यालय की स्थापना 2014 में किया गया |

वास्तव में इस पिछड़े क्षेत्र में महाविद्यालय की स्थापना इस क्षेत्र के जनमानस के चिर-प्रतिक्षित अभिलाषा की पूर्ति स्वरुप है, जो उच्च शिक्षा से वंचित हो जाते थे या सुदूर अंचलों में जाने को विवश थे |

इस महाविद्यालय की आधारशिला रखते हुए उस परिकल्पना को साकार करने की प्रतिबद्धता के साथ दृढ़ संकल्प लिया गया है, जिससे आने वाले भविष्य में जनमानस के उदीयमान व प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को ज्ञानरश्मि की प्राप्ति, शोध, अन्वेषण एवं रोजगारपरक शिक्षा हेतु कहीं अन्यत्र भटकना न पड़े | अपितु घर पर उपलब्ध संसाधनों से ही स्थानीय स्तर पर उन्हें उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध हो सके जो कभी मात्र अभिलाषा बन कर रह जाती थी |

यह महाविद्यालय गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोरखपुर से मात्र 18 कि० मी० की दूरी पर मुख्य सड़क से 500 मीटर की दूरी पर हरे-भरे प्रकृति की गोद में स्थित है जहाँ दूर-दूर तक प्रदूषण की कोई संभावना नहीं है| शैक्षणिक परिवेश में सौन्द्रयानुभूति का भी एक विशिष्ट मनोवैज्ञानिक महत्व है | इसी परिकल्पना को मूर्त रूप देते हुए प्रबंधतन्त्र ने इस स्थल को सर्वथा शिक्षा के अनुकूल पाया है | महाविद्यालय के उद्घाटन सत्र 2014 में हिंदी, अंग्रेजी, भूगोल, प्राचीन इतिहास, समजशास्त्र, शिक्षा शास्त्र एवं राजनीति शास्त्र विषयों की मान्यता प्राप्त है | महाविद्यालय द्वारा अन्य पाठ्यक्रमों की भी शुरुआत शीघ्र ही की जाएगी |

क्षेत्र के लिए गौरव की बात है कि इस महाविद्यालय में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित योग्यता प्राप्त प्राध्यापकों द्वारा शिक्षण कार्य सम्पन्न किया जायेगा | मुझे गर्व है कि इसी विशिष्टता के कारन थोड़े ही दिनों में महाविद्यालय अच्छी ख्याति प्राप्त करेगा | विश्वास है की आने वाले दिनों में यह महाविद्यालय समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप शत-प्रतिशत खरा उतरेगा |

मैं प्रबन्धक के रूप में महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के मंगल भविष्य की कामना करता हूँ तथा आगामी सत्र में प्रवेश लेकर इस महाविद्यालय परिवार से जुड़ने वाले भावी छात्र/छात्राओं के लिए भी शुभ कामना प्रकट करता हूँ|